अंतिम विनाश की आहटें — और पृथ्वी की आखिरी दर्दनाक चीखें || आचार्य प्रशांत (2025)

Jun 17, 2025Channel
AI Analysis
Data from YouTube Data API v3Updated Just now

Video Overview

Video Details

Published11 months ago
Duration47:31
Video ID-8RHkxQchII
Languagehi
CategoryEducation
PrivacyPublic
Made for KidsNo
Video TypeRegular Video

Performance Metrics

Views59.9K
Likes8.4K
Comments301
Engagement Rate14.50%
Likes per 100 views14.00
Comments per 1K views5.02

Description

🧔🏻‍♂आचार्य प्रशांत गीता पढ़ा रहे हैं। घर बैठे लाइव सत्रों से जुड़ें, अभी फॉर्म भरें — https://acharyaprashant.org/hi/enquiry-gita?cmId=m00021 📚 आचार्य प्रशांत की पुस्तकें पढ़ना चाहते हैं? फ्री डिलीवरी पाएँ: https://acharyaprashant.org/hi/books?cmId=m00021 📲 आचार्य प्रशांत की मोबाइल ऐप डाउनलोड करें: Android: https://play.google.com/store/apps/details?id=org.acharyaprashant.apbooks iOS: https://apps.apple.com/in/app/acharya-prashant/id1603611866 📝 चुनिंदा बोध लेख पढ़ें, खास आपके लिए: https://acharyaprashant.org/en/articles?l=1&cmId=m00021 ➖➖➖➖➖➖ #AcharyaPrashant #आचार्यप्रशांत वीडियो जानकारी: 15.06.2025, भगवद् गीता सत्र, ग्रेटर नोएडा Title: अंतिम विनाश की आहटें — और पृथ्वी की आखिरी दर्दनाक चीखें 📋 Chapters: 0:00 - Intro 1:02 - छठे महाविनाश की चेतावनी 6:52 - इंसानों पर जलवायु परिवर्तन का असर? 12:18 - ना बारिश होगी, ना अन्न उगेगा 20:07 - पायलट भी इंसान होते हैं 26:01 - बाइक फटेंगी, कार के टायर फटेंगे 29:09 - भारत झेलेगा ऐसी तबाही 36:32 - नदियाँ सूख जाएँगी, दंगे भड़केंगे 40:33 - तुम्हीं समाधान हो, देर मत करो 46:30 - Testimonial विवरण: इस वीडियो में एक एरोस्पेस इंजीनियरिंग छात्र द्वारा एयर इंडिया दुर्घटना और जलवायु परिवर्तन के बीच संबंध पर पूछे गए प्रश्न से संवाद आरंभ होता है। आचार्य प्रशांत बताते हैं कि तापमान, वायुमंडलीय दबाव, मानसून, मशीनों की विश्वसनीयता, मानव शरीर और मन—ये सभी अत्यंत संवेदनशील प्रणालियों का हिस्सा हैं। यह कोई दूर की आशंका नहीं, बल्कि ऐसा संकट है जो आज ही हमारी विमान उड़ानों की सुरक्षा, कृषि व्यवस्था, प्रजनन क्षमता और मानसिक स्वास्थ्य की मूलभूत कार्यप्रणाली को अस्थिर कर रहा है। यह वीडियो आगाह करता है कि यदि हमने अपनी इच्छाओं, नीतियों और जीवनशैली की दिशा नहीं बदली, तो तकनीकी दुर्घटनाएं, खाद्य संकट और सामाजिक पतन हमारी रोज़मर्रा की नियति बन जाएंगे। 🎧 सुनिए #आचार्यप्रशांत को Spotify पर: https://open.spotify.com/show/3f0KFweIdHB0vfcoizFcET?si=c8f9a6ba31964a06 संगीत: मिलिंद दाते ~~~~~

Related Videos

More videos from आचार्य प्रशान्त - Acharya Prashant