सरकार मुझे फाँसी क्यों नहीं दे देती? #video #viral #viralvideo #nehasinghrathore #news #new
Jan 4, 2026•Channel
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Published5 months ago
Duration3:16
Video ID1xjsWH_wg_Y
Languagehi
CategoryMusic
PrivacyPublic
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Video TypeRegular Video
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Description
कल मैं ज़िन्दगी में पहली बार कोतवाली गई. पहली बार पुलिस कोतवाली को अंदर से देखा. बहुत अजीब लगा. मैं घूमने नहीं गई थी. मुझे तो पुलिस ने नोटिस भेजकर बुलाया था.
क्या आप जानते हैं मुझे क्यों बुलाया गया था? मैंने कोई चोरी नहीं की थी! किसी को गाली नहीं दी थी, मैंने इलेक्टोरल बांड भी नहीं खरीदा था और न ही बीफ कंपनियों से चंदा लिया था. मैंने तो वोट भी नहीं चुराया था! लेकिन फिर भी मेरे ख़िलाफ़ FIR दर्ज की गई और पूछताछ के लिए मुझे नोटिस भेजा गया.
जानते हैं मेरा अपराध क्या था? मेरा अपराध ये था कि मैंने इस देश के प्रधानमंत्री से चार सवाल पूछ लिए थे. मैंने इस आज़ाद लोकतांत्रिक देश के एक आज़ाद नागरिक की हैसियत से इस देश के प्रधानमंत्री की आलोचना कर दी थी. बस! ये बात सरकार से बर्दाश्त नहीं हुई. होती भी कैसे?
एक किसान परिवार की मामूली लड़की की इतनी हिम्मत कि वो प्रधानमंत्री से सवाल पूछ ले! औक़ात क्या है इसकी! तो बस भाई! मुझे मेरी औक़ात याद दिलाने के लिए नोटिस भेजकर थाने बुला लिया गया…और मैं गई भी! क्या करती!
क़ानून के हाथ बहुत लंबे होते हैं…बस वो अंकिता भंडारी के असली गुनहगारों तक नहीं पहुंचते और स्पेशल सर्विस माँगने वाले भाजपा के VIP उससे बच जाते हैं…
क़ानून के ये लंबे हाथ इंदौर में गंदे पानी से हुई मौतों के गुनहगारों तक भी नहीं पहुंचते हैं…पेपर लीक कराने वाले, टूटी सड़कें बनाने वाले, अल्पसंख्यकों के ख़िलाफ़ नफ़रत भड़काने वाले, नक़ली दवाओं का कारोबार करने वाले, खाने की मिलावटी चीजें बनाकर देशभर में कैंसर फैलाने वाले, रेल दुर्घटनाओं के जिम्मेदार, टूटते पुलों के ठेकेदार, जंगल उजाड़ने वाले, पहाड़ काटने वाले और हवा को ज़हर बनाने वाले नेता-अधिकारी और कारोबारी क़ानून के हाथों से बच जाते हैं…लेकिन नेहा सिंह राठौर क़ानून ने मजबूत और लंबे हाथों से नहीं बच सकती, क्योंकि वो प्रधानमंत्री से उनकी ज़िम्मेदारी पर सवाल पूछ लेती है.
नेहा राठौर को बचना भी नहीं चाहिए…उसे ऐसी सज़ा दी जानी चाहिए कि देश और जमाना देखे…उसे उसके मुँह में ज़बान होने की भरपूर सज़ा मिलनी चाहिए…जिन बेटियों की दुश्मन पूरी भाजपा है, नेहा पर उनके लिए आवाज़ उठाने की सज़ा भी मुक़र्रर की जानी चाहिए…
बेरोजगारी के मुद्दे पर बोलना भी क्या छोटा गुनाह है? महँगाई पर गीत गाना क्या वित्त मंत्रालय से बग़ावत नहीं है? मजदूरों के हक़ की बात करना क्या लेबर डिपार्टमेंट के काम में हस्तक्षेप नहीं है?
और फिर जब सरकार ने देश के कल्याण के लिए अलग-अलग विभाग और मंत्री बना रखें हैं तो मैं क्यों इन मंत्रालयों के मुद्दों पर बोल रही हूँ? एक मुक़दमा तो सरकारी काम में बाधा का भी बनता है! देश में जब महिला आयोग है तो महिला अधिकारों की बात करने वाली मैं कौन होती हूँ!
कितनी अजीब बात है न! जिस सरकार को देश की ग़रीबी, बेरोजगारी, महँगाई और भ्रष्टाचार से लड़ना था, वो सरकार मुझसे लड़ रही है. खैर…अब सरकार को जल्द से जल्द देशहित में क़ानून बनाकर आलोचना को देशद्रोह और आलोचकों को देशद्रोही घोषित कर देना चाहिए.
मैं सरकार के कामों और देश के विकास की राह में एक बड़ी बाधा हूँ. सरकार को देशहित में बिना देरी किए मुझे फाँसी दे देनी चाहिए. #nehasinghrathore #video #politics #shortvideo #gayikanehasinghrathore #india