मोहिनी रूप हरे, जय मोहिनी रूप हरे | भगवान विष्णु ने मोहिनी रूप में दिए दर्शन | गीत संवाद
May 11, 2026•Channel
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Video Overview
Video Details
Published1 month ago
Duration8:44
Video ID3t2RDofIAvk
Languagehi
CategoryFilm & Animation
PrivacyPublic
Made for KidsNo
Video TypeRegular Video
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Description
"""संगीत वार्ता के इस प्रसंग में भगवान विष्णु विवाह सम्पन्न होने के पश्चात अपनी पत्नी देवी लक्ष्मी को विमान पर बिठा कर विष्णु लोक ले जाते है और उन्हें अपने आसन शेषनाग शैय्या में स्थान प्रदान करते है। यह अद्भुत दृश्य देख कर ब्रह्माण्ड में उपस्थित ब्रह्मा जी, शिव जी, इंद्र देव, नारद मुनि सहित सभी देवी-देवता ऋषि-मुनियों के अपने प्रभु नारायण और देवी लक्ष्मी का अभिनंदन करते है। गीत-संवाद के माध्यम से भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी के अभिनंदन में गाई गई आरती का अति सुन्दर प्रस्तुतिकरण किया गया है।
महालक्ष्मी श्री नारायण, दोनों ही भक्त परायण
महालक्ष्मी श्री नारायण, दोनों ही भक्ति परायण
युगल मूर्ति कल्याण की, जोड़ी भगवती और भगवान की
ये जोड़ी भगवती और भगवान की""
""संगीत वार्ता के इस प्रसंग में सभी देवी-देवता भगवान विष्णु से समुद्र मंथन के समय लिए गए उनके मोहनी रूप के दर्शन कराने का अनुरोध करते है। विष्णु जी कहते है कि उनका वह रूप केवल उनका ही नहीं था, बल्कि शिव जी का भी था, देवी पार्वती का भी था और देवी लक्ष्मी का भी रूप था। देवी लक्ष्मी कहती है कि वो रूप वास्तव में आदिनारायण का रूप था, जो हम सभी देवी-देवताओं में बंट गया है। गीत-संवाद के माध्यम से भगवान विष्णु के मोहिनी रूप की आरती का अति सुन्दर प्रस्तुतिकरण किया गया है।
मोहिनी रूप हरे, जय मोहिनी रूप हरे
देव गणों के तारण, भक्त जनों के तारण
मोहिनी रूप धरे, मोहिनी रूप हरे"""
सनातन धर्म के पौराणिक पुराणों, ग्रंथों एवं स्तोत्रों में कमल पुष्प पर विराजमान भगवान विष्णु की पत्नी देवी महालक्ष्मी की महिमा और देवताओं, असुरों सहित जनमानस को मिलने वाली जिस अनुकम्पा का वर्णन किया गया, उसे जनमानस तक पहुँचाने के लिए रामानंद सागर जी ने जय महालक्ष्मी धारावाहिक का निर्माण किया और उसे संगीतमय बनाने के लिए एक बार पुनः महान संगीतकार रविन्द्र जैन को चुना। जिन्होंने धारावाहिक को कुछ प्राचीन गीतों के साथ स्वयं के द्वारा लिपिबद्ध गीतों से इस प्रकार सजाया है, जो सुनने वाले के हृदय को भाव-विभोर कर देता है। “तिलक” अपने इस नए संकलन “संगीत वार्ता” में देवी महालक्ष्मी से जुड़े अनेक संगीतमय प्रसंगों को आपके समक्ष प्रस्तुत करेगा। भक्ति भाव से इनका आनन्द लीजिए और तिलक से जुड़े रहिए।
सनातन धर्म के पौराणिक पुराणों, ग्रंथों एवं स्तोत्रों में कमल पुष्प पर विराजमान भगवान विष्णु की पत्नी देवी महालक्ष्मी की महिमा और देवताओं, असुरों सहित जनमानस को मिलने वाली जिस अनुकम्पा का वर्णन किया गया, उसे जनमानस तक पहुँचाने के लिए रामानंद सागर जी ने जय महालक्ष्मी धारावाहिक का निर्माण किया और उसे संगीतमय बनाने के लिए एक बार पुनः महान संगीतकार रविन्द्र जैन को चुना। जिन्होंने धारावाहिक को कुछ प्राचीन गीतों के साथ स्वयं के द्वारा लिपिबद्ध गीतों से इस प्रकार सजाया है, जो सुनने वाले के हृदय को भाव-विभोर कर देता है। “तिलक” अपने इस नए संकलन “संगीत वार्ता” में देवी महालक्ष्मी से जुड़े अनेक संगीतमय प्रसंगों को आपके समक्ष प्रस्तुत करेगा। भक्ति भाव से इनका आनन्द लीजिए और तिलक से जुड़े रहिए।
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