मरने जा रही सदियों पुरानी एक परंपरा [The Last Pole & Line Fishermen of Azores] DW Documentary हिन्दी

Jan 14, 2026Channel
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Published5 months ago
Duration25:56
Video ID5_pl7QZbvJY
Languagehi
CategoryScience & Technology
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Video TypeRegular Video

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Description

पुर्तगाल के आज़ोरेस द्वीपों पर डंडों और रस्सी से मछली पकड़ने की परंपरा सदियों पुरानी है. अटलांटिक में बसे इन द्वीपों पर सिर्फ़ इसी तरीक़े से टूना पकड़ने की इजाज़त है. मछली पकड़ने का यह तरीक़ा सबसे सस्टेनेबल भी है. यह इंडस्ट्रियल फिशिंग और ‘फ्लोटिंग टूना फ़ैक्ट्रीज़’ से उलट एक अलग विकल्प पेश करता है. एदुइनो कुआद्रोस अपनी बोट पर खड़े हैं. उन्हें नहीं पता कि वह घर कब लौटेंगे? सीज़न के दौरान वह और उनकी टीम टूना मछलियों के झुंडों का पीछा करती है. वह कहते हैं, "देखिए, हम पूरी तरह से सस्टेनेबल तरीक़े से मछली पकड़ते हैं. सिर्फ एक डंडे से. इस तरह हम समुद्र में प्रजातियों के विलुप्त होने की वजह नहीं बनते हैं.” उनका परिवार पीढ़ियों से टूना पकड़ रहा है, लेकिन यह पेशा दिन-ब-दिन मुश्किल होता जा रहा है. आज़ोरेस में अब क़रीब 30 नावें ही बची हैं, जो इस तरीक़े से टूना पकड़ती हैं. इन पुर्तगाली द्वीपों के मछुआरे अपनी जीविका का स्रोत बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं. एदुइनो कहते हैं, “हम जिस तरह मछली पकड़ते हैं, उसमें यह पता लगाना मुश्किल है कि आगे क्या होगा. कभी-कभी पूरा का पूरा समूह दिखता है और हम इतनी टूना पकड़ सकते हैं कि पूरे महीने फ़िशिंग की ज़रूरत न पड़े. वरना तो हमें हफ़्ते-दो हफ़्ते या कभी-कभी तीन हफ़्तों तक एक भी मछली नहीं मिलती है. यह बहुत ही अनिश्चित और अस्थिर है.” एदुइनो की बोट पर 15 लोग हैं, जो 60 से 80 किलो तक की मछलियां अपनी डंडों से पकड़ते हैं. एदुइनो को अपनी टीम को सैलरी देनी होती है. ईंधन के दाम भी बढ़ गए हैं. लेकिन उनकी सबसे बड़ी चिंता यूरोपीय संघ के फ़िशिंग के नियम हैं. अभी ये नियम सिर्फ़ वही मछलियां पकड़ने की इजाज़त देते हैं, जिनका वज़न दस किलो से ज़्यादा हो. ये पाबंदियां लगातार बढ़ती जा रही हैं, लेकिन हर जगह समान रूप से लागू नहीं हैं. एदुइनो कहते हैं, "हमें ही क्यों ध्यान रखना पड़ता है और दुनियाभर में काम करने वाले इंडस्ट्रियल फिशिंग फ्लीट्स को क्यों नहीं? इन दिग्गजों को कौन नियंत्रित करता है?" इसके अलावा यूरोपीय संघ में फ़िशिंग का कोटा भी है. किसी एक प्रजाति की संख्या एक सीमा के पार चली जाए, तो एदुइनो और उनके साथी वह मछली नहीं पकड़ सकते. नतीजतन कमाई ख़त्म हो जाती है. वे इस इस पारंपरिक फ़िशिंग के भविष्य को लेकर बहुत चिंतित हैं. आज़ोरेस में इस क्षेत्र में काम करने वाले युवाओं की संख्या दिन-ब-दिन घटती जा रही है. #dwdocumentaryहिन्दी #dwहिन्दी #dwdocs #fishing #azores #tuna ---------------------------------------------------------------------------------------- अगर आपको वीडियो पसंद आया और आगे भी ऐसी दिलचस्प वीडियो देखना चाहते हैं तो हमें सब्सक्राइब करना मत भूलिए. विज्ञान, तकनीक, सेहत और पर्यावरण से जुड़े वीडियो देखने के लिए हमारे चैनल DW हिन्दी को फॉलो करे: @dwdochindi और डॉयचे वेले की सोशल मीडिया नेटिकेट नीतियों को यहां पढ़ें: https://p.dw.com/p/MF1G

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