1857 से पहले अंग्रेजों का सबसे बड़ा डर! संथाल हूल की पूरी कहानी | Hul Diwas | Droupadi Murmu
Jul 9, 2026•Channel
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Published1 week ago
Duration8:42
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क्या आप जानते हैं कि भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जिस संथाल समुदाय से आती हैं, उसी समुदाय ने 1855 में अंग्रेजी शासन के खिलाफ एक ऐतिहासिक जनविद्रोह का नेतृत्व किया था?
क्या वास्तव में 1857 अंग्रेजों के खिलाफ भारत का पहला बड़ा विद्रोह था?
इस वीडियो में जानिए 1855 के संथाल हूल (Santhal Hul) की पूरी कहानी, जिसने अंग्रेजी शासन की जड़ों को हिला दिया। सिद्धू मुर्मू, कान्हू मुर्मू, चाँद मुर्मू, भैरव मुर्मू तथा फूलो-झानो के नेतृत्व में हुआ यह आंदोलन केवल एक आदिवासी विद्रोह नहीं था, बल्कि औपनिवेशिक शोषण, जमींदारी व्यवस्था और अन्यायपूर्ण राजस्व नीति के विरुद्ध एक ऐतिहासिक जनआंदोलन था।
इस वीडियो में जानिए—
✅ हूल दिवस क्यों मनाया जाता है?
✅ दामिन-ए-कोह क्या था?
✅ दिकू किसे कहा जाता था?
✅ कामियोती और हरवाही प्रथा क्या थी?
✅ संथाल हूल ने अंग्रेजों को कैसे चुनौती दी?
✅ क्या 1857 से पहले भी अंग्रेजों के खिलाफ बड़े जनविद्रोह हुए थे?
✅ संथाल परगना काश्तकारी अधिनियम, 1876 और छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम, 1908 का महत्व
यह वीडियो UPSC, State PCS, UGC-NET, इतिहास, भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन और जनजातीय इतिहास में रुचि रखने वाले सभी दर्शकों के लिए उपयोगी है।
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