सतगुरु शरण हंस जब आवे | Satguru Sharan Hans Jab Aave | Kabir Das Bhajan

Dec 11, 2025Channel
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Published6 months ago
Duration3:37
Video IDDbZ3qH01d-Y
Languagehi
CategoryMusic
PrivacyPublic
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Video TypeRegular Video

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Description

Kabir Das Bhajan | सतगुरु शरण हंस जब आवे | Satguru Sharan Hans Jab Aave | KABIR BHAJAN यह अद्भुत कबीर साहिब का भजन आत्मा को शांति देने वाला है, जो सतगुरु की महिमा और परमपद की प्राप्ति का मार्ग बताता है। इस शब्द में कबीर साहिब समझाते हैं कि जब जीव हंस सतगुरु की शरण में पहुंचता है, तभी उसे सच्चा परमपद मिलता है और अनहद नाद की ध्वनि सुनाई देती है। 👉 इस भजन को सुनकर मन को शांति, ध्यान में स्थिरता और आध्यात्मिक जागरण का अनुभव होगा। इस वीडियो में: कबीर साहिब का दिव्य भजन “सतगुरु शरण हंस जब आवे” का सुंदर गायन भजन के माध्यम से आध्यात्मिक ज्ञान ध्यान और मेडिटेशन के लिए श्रेष्ठ भजन कबीर साहिब का पूरा शब्द: सतगुरु शरण हंस जब आवे, तबहि परमपद पावे हो। सतगुरु भेद हंस जो पावे, अनहद नाद बजावे हो॥ गंगा–यमुना भिरे सरस्वति, त्रिवेणी मध न्हावे हो। पूरा सतगुरु अलख दिखावे, करम–भरम बिसरावे हो॥ सहज समाधि निरंतर लावे, पुनर्जन्म नहि आवे हो। कहै कबीर सुनो भाई साधो, सारहि शब्द समावे हो॥ Kabir Bhajan, Sant Kabir, Satguru Sharan Hans Jab Aave, Kabir Das Song, Kabir Das Ke Dohe, Kabir Ke Bhajan, Bhakti Song, Meditation Music, Kabir Saheb Pravachan

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