भैरव ने अपने पिता की मृत्यु का बदला रत्नाकर और वैष्णवी से लेने का किया प्रण |जय महालक्ष्म |दिव्य कथा

May 15, 2026Channel
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Duration7:19
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Languagehi
CategoryFilm & Animation
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Description

अपने पिता राक्षसराज दुर्जय की मृत्यु की सूचना मिलने पर उसका पुत्र भैरव गुरुकुल छोड़कर पिता के अंतिम संस्कार कराने के लिए वापस आता है। वह पिता का मृत्यु शरीर को देख कर उसकी आँखें क्रोध से लाल होने लगती है और वह सेनापति दुष्टि से कहता है कि उसके पिता के अंतिम संस्कार की व्यवस्था अति शीघ्र कराई जाए, जिससे वह चिता से आग लेकर शत्रुओं का राज्य जला सके। श्मशान भूमि में अपने पिता की चिता को अग्नि देते समय भैरव प्रण करता है कि उनकी चिता की अग्नि उसके हृदय में सदा ही जलती रहेगी। जिस राजा रत्नाकर और वैष्णवी ने उन्हें मृत्यु के हवाले कर दिया है, उस राजा रत्नाकर और राजकुमारी वैष्णव को वह मृत्यु के हवाले करेगा और साथ ही उनकी नगरी को चिता बनाकर भस्म कर देगा। श्मशान से वापस आने पर वह विधवा माता से कहता है कि वह रोना-धोना बंद कर दे, क्योंकि उसके पिता को आँसू अच्छे नहीं लगते थे। वह सदा लोगों को रुलाते थे और अब मैं उनका राज सिंहासन संभाल कर अपने कर्तव्य का पालन करेगा और शत्रुओं को खून के आँसू रुलाएगा। माता सुरुचि कहती है कि पुत्र तुम्हें तो अभी अपनी शिक्षा पूरी करने के लिए गुरु वापस जाना है। भैरव कहता है कि अब वह गुरुकुल नहीं जाएगा और राज्य का भार संभालेगा। आकाश से यह दृश्य देख नारद मुनि निराश होने लगते है और माता महालक्ष्मी से कहते है कि अपनी हठधर्मिता के कारण दुर्जय ने अपने प्राण खो दिए और अब उस इतिहास की पुनर्रचना भैरव कर रहा है मैया। माता महालक्ष्मी कहती है कि यही तो असुर प्रवृत्ति है, पिता की शत्रुता पुत्र और पुत्र का पुत्र तक निभाता है, लेकिन शत्रुता का अंत नहीं होता है। रामायण और जय श्री कृष्णा धारावाहिक को मिले अपार प्रेम के पश्चात रामानंद सागर जी ने धार्मिक धारावाहिकों की अगली श्रृंखला के रूप में जय महालक्ष्मी धारावाहिक का निर्माण करके महर्षि मार्कण्डेय द्वारा जन कल्याण के लिए सुनाई गई माता महालक्ष्मी की दिव्य कथा को जन मानस के सामने प्रस्तुत किया है। भगवान विष्णु की पत्नी महालक्ष्मी जिन्हें धन, सम्पदा और समृद्धि की देवी माना जाता है और उनकी अनुकम्पा से ही मनुष्य का जीवन का संचालन सुचारू रूप से चलता है। “तिलक” चैनल “दिव्य कथाएं” के इस संकलन के माध्यम से माता महा लक्ष्मी से जुड़े कुछ अमूल्य प्रसंगों को आपके समक्ष प्रस्तुत कर रहा है, जिसके अवलोकन/श्रवण करने से आप पर माँ लक्ष्मी की कृपा बरसेगी। अतः भक्ति भाव से इनका आनन्द लीजिये और तिलक से जुड़े रहिये। #tilak #jaimahalaxmi #mahalaxmi #jaimahalxmidivyakatha #divyakatha

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