लैटिन अमेरिकी लड़कियों को यूरोप लाकर कैसे कराया जाता है देह व्यापार! | DW Documentary हिन्दी
Jul 10, 2026•Channel
AI Analysis
Data from YouTube Data API v3•Updated Just now
Video Overview
Video Details
Published4 days ago
Duration42:41
Video IDQLe-OWdgQyM
Languagehi
CategoryNews & Politics
PrivacyPublic
Made for KidsNo
Video TypeRegular Video
Performance Metrics
Views13.6K
Likes632
Comments23
Engagement Rate4.81%
Likes per 100 views4.64
Comments per 1K views1.69
Description
लैटिन अमेरिका में महिलाओं को बेरहमी से अपने जाल में फंसाकर, यूरोप में उनका शोषण किया जाता है. एक सर्वाइवर बताती हैं कि कैसे नौकरी का झांसा देकर उन्हें स्पेन बुलाया गया और फिर देह व्यापार में धकेल दिया गया.
एक लैटिन अमेरिकी युवती स्पेन की एक मॉडलिंग एजेंसी में अप्लाई करती है. उसके हवाई सफ़र और रहने का पूरा ख़र्च उठाया जाता है. लेकिन वहां पहुंचते ही उसके दस्तावेज़ छीन लिए जाते हैं. ये कहकर कि उसे सफ़र का ख़र्च चुकाना होगा. इसके बाद पहले स्पेन और फिर जर्मनी में उसे जबरन देह व्यापार के लिए मजबूर किया जाता है. उसे इस जाल से सिर्फ़ पुलिस ही छुड़ा सकती है. वो भी एक ख़ुफ़िया ऑपरेशन के ज़रिये.
माइंत्स क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट के ज़ेबास्टियान आइशलर अपनी जांच कुछ इस तरह करते हैं. वो ग्राहक बनकर ऑनलाइन विज्ञापनों का जवाब देते हैं और तय मुलाक़ातों के दौरान ख़ुद को पुलिस अधिकारी बताते हैं. वो कहते हैं कि ये भूसे के ढेर में सुई ढूंढने जैसा है. अपराधियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने के लिए उन्हें महिलाओं के बयान चाहिए.
लेकिन अक्सर ये महिलाएं डर के मारे चुप रहती हैं. क्योंकि अपराधी न सिर्फ़ उन पर दबाव डालते हैं, बल्कि उनके अपने देश में रह रहे परिवारवालों को नुक़सान पहुंचाने की धमकी भी देते हैं.
मानवाधिकार संस्थाएं और क़ानून लागू करने वाली एजेंसियां इस पूरे मामले पर नज़र रखे हुए हैं. उन्हें शक़ है कि अब नार्कोस, यानी कोलंबियाई ड्रग कार्टेल भी इस धंधे में उतर चुके हैं. स्पेन में पोलिसिया नैशनल की कारमेन गोंज़ालेस को शुरुआती कामयाबी मिली है. उनकी स्पेशल टीम एक नेटवर्क का भांडाफोड़ करने में कामयाब रही है.
वीसबाडन के महिला विभाग की मानुएला शोन और उनकी टीम का कहना है कि निजी अपार्टमेंट्स और होटलों में देह व्यापार के लिए पेश की जाने वाली महिलाओं की संख्या बढ़ती जा रही है. उनके मुताबिक़ इसका समाधान स्वीडिश मॉडल है. वहां सेक्स ख़रीदने वाले ग्राहकों को सज़ा मिलती है, सेक्स बेचने वाली महिलाओं को नहीं. फ़्रांस में भी यही मॉडल लागू है, लेकिन वहां भी मानव तस्करी होती है.
विएना में संगठित अपराध पर UN के विशेष प्रतिनिधि ने मानव तस्करी से बचे लोगों का पहला अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया है. इसमें 30 से ज़्यादा सर्वाइवर अपनी आपबीती सुनाती हैं और बताती हैं कि इसकी जड़ में गरीबी, विस्थापन और लैंगिक असमानता जैसी वजहें हैं.
#dwdocumentaryहिन्दी #dwहिन्दी #dwdocs #colombia #humantrafficking #crime #women
----------------------------------------------------------------------------------------
अगर आपको वीडियो पसंद आया और आगे भी ऐसी दिलचस्प वीडियो देखना चाहते हैं तो हमें सब्सक्राइब करना मत भूलिए.
विज्ञान, तकनीक, सेहत और पर्यावरण से जुड़े वीडियो देखने के लिए हमारे चैनल DW हिन्दी को फॉलो करे: @dwhindi
और डॉयचे वेले की सोशल मीडिया नेटिकेट नीतियों को यहां पढ़ें: https://p.dw.com/p/MF1G