मंगलवार विशेष-श्री हनुमान चालीसा Shree Hanuman Chalisa | Hanuman Ashtak, Aati Keejei Hanuman Lala Ki

May 12, 2026Channel
AI Analysis
Data from YouTube Data API v3Updated Just now

Video Overview

Video Details

Published2 weeks ago
Duration24:32
Video IDTF4IhktQZP4
Languagehi
CategoryMusic
PrivacyPublic
Made for KidsNo
Video TypeRegular Video

Performance Metrics

Views31.9K
Likes473
Comments67
Engagement Rate1.69%
Likes per 100 views1.48
Comments per 1K views2.10

Description

https://youtu.be/TF4IhktQZP4 Subscribe: http://www.youtube.com/tseriesbhakti Shree Hanuman Chalisa 00:00 Bajrang Baan 11:35 Aarti Keejei Hanuman Lala Ki 18:29 Music Label: T-Series https://youtu.be/QbjiIpUsaM4 Subscribe: http://www.youtube.com/tseriesbhakti Shree Hanuman Chalisa Singer: Lata Mangeshkar Music Director: Mayuresh Pai Lyrics: Traditional Album: Shree Hanuman Chalis Hanuman Bhajan: Sankat Mochan Hanuman Ashtak Singer: Hari Om Sharan Music Director: Hari Om Sharan Lyrics: Traditional Album: Shree Hanuman Chalisa (Jai Shree Hanuman) Music Label: T-Series Hanuman Ji Ki Aarti: Aarti Keejei Hanuma Lala Ki Singer: Hari Om Sharan Music Director: Hari Om Sharan Lyrics: Traditional Album: Shree Hanuman Chalisa (Jai Shree Hanuman) Music Label: T-Series #tseriesbhaktisagar #hanumanchalisa #sankatmochanhanumanashtak #latamangeshkar #hariomsharan #hanumanbhajansangrah #hanunanbhajan #bajrangbalikebhajan ॥ श्री हनुमान चालीसा ॥ ॥ दोहा॥ श्रीगुरु चरन सरोज रज निज मनु मुकुरु सुधारि । बरनउँ रघुबर बिमल जसु जो दायकु फल चारि ॥ बुद्धिहीन तनु जानिके सुमिरौं पवन-कुमार । बल बुधि बिद्या देहु मोहिं हरहु कलेस बिकार ॥ ॥ चौपाई ॥ जय हनुमान ज्ञान गुन सागर । जय कपीस तिहुँ लोक उजागर ॥ राम दूत अतुलित बल धामा । अंजनि पुत्र पवनसुत नामा ॥ महाबीर बिक्रम बजरंगी । कुमति निवार सुमति के संगी ॥ कंचन बरन बिराज सुबेसा । कानन कुण्डल कुँचित केसा ॥४ हाथ बज्र अरु ध्वजा बिराजै । काँधे मूँज जनेउ साजै ॥ शंकर सुवन केसरी नंदन । तेज प्रताप महा जगवंदन ॥ बिद्यावान गुनी अति चातुर । राम काज करिबे को आतुर ॥ प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया । राम लखन सीता मन बसिया ॥८ सूक्ष्म रूप धरि सियहिं दिखावा । बिकट रूप धरि लंक जरावा ॥ भीम रूप धरि असुर सँहारे । रामचन्द्र के काज सँवारे ॥ लाय सजीवन लखन जियाए । श्री रघुबीर हरषि उर लाये ॥ रघुपति कीन्ही बहुत बड़ाई । तुम मम प्रिय भरतहि सम भाई ॥१२ सहस बदन तुम्हरो जस गावैं । अस कहि श्रीपति कण्ठ लगावैं ॥ सनकादिक ब्रह्मादि मुनीसा । नारद सारद सहित अहीसा ॥ जम कुबेर दिगपाल जहाँ ते । कबि कोबिद कहि सके कहाँ ते ॥ तुम उपकार सुग्रीवहिं कीह्ना । राम मिलाय राज पद दीह्ना ॥१६ तुम्हरो मंत्र बिभीषण माना । लंकेश्वर भए सब जग जाना ॥ जुग सहस्त्र जोजन पर भानु । लील्यो ताहि मधुर फल जानू ॥ प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माहीं । जलधि लाँघि गये अचरज नाहीं ॥ दुर्गम काज जगत के जेते । सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते ॥२० राम दुआरे तुम रखवारे । होत न आज्ञा बिनु पैसारे ॥ सब सुख लहै तुम्हारी सरना । तुम रक्षक काहू को डरना ॥ आपन तेज सम्हारो आपै । तीनों लोक हाँक तै काँपै ॥ भूत पिशाच निकट नहिं आवै । महावीर जब नाम सुनावै ॥२४ नासै रोग हरै सब पीरा । जपत निरंतर हनुमत बीरा ॥ संकट तै हनुमान छुडावै । मन क्रम बचन ध्यान जो लावै ॥ सब पर राम तपस्वी राजा । तिनके काज सकल तुम साजा ॥ और मनोरथ जो कोई लावै । सोई अमित जीवन फल पावै ॥२८ चारों जुग परताप तुम्हारा । है परसिद्ध जगत उजियारा ॥ साधु सन्त के तुम रखवारे । असुर निकंदन राम दुलारे ॥ अष्ट सिद्धि नौ निधि के दाता । अस बर दीन जानकी माता ॥ राम रसायन तुम्हरे पासा । सदा रहो रघुपति के दासा ॥३२ तुम्हरे भजन राम को पावै । जनम जनम के दुख बिसरावै ॥ अंतकाल रघुवरपुर जाई । जहाँ जन्म हरिभक्त कहाई ॥ और देवता चित्त ना धरई । हनुमत सेइ सर्ब सुख करई ॥ संकट कटै मिटै सब पीरा । जो सुमिरै हनुमत बलबीरा ॥३६ जै जै जै हनुमान गोसाईं । कृपा करहु गुरुदेव की नाईं ॥ जो सत बार पाठ कर कोई । छूटहि बंदि महा सुख होई ॥ जो यह पढ़ै हनुमान चालीसा । होय सिद्धि साखी गौरीसा ॥ तुलसीदास सदा हरि चेरा । कीजै नाथ हृदय मह डेरा ॥४० ॥ दोहा ॥ पवन तनय संकट हरन, मंगल मूरति रूप । राम लखन सीता सहित, हृदय बसहु सुर भूप ॥ If You like the video don't forget to share with others & also share your views. Stay connected with us!!! ► Subscribe: http://www.youtube.com/tseriesbhakti ► Like us on Facebook: https://www.facebook.com/BhaktiSagarTseries/ ► Follow us on Twitter: https://twitter.com/tseriesbhakti

Related Videos

More videos from T-Series Bhakti Sagar