जवान दिल - धड़कते सपने गहरी बेचैनी - पर जाएँ किधर? || आचार्य प्रशांत, कलिंग साहित्य महोत्सव (2026)
Feb 4, 2026•Channel
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Published5 months ago
Duration1:06:16
Video IDazmzv62C400
Languagehi
CategoryEducation
PrivacyPublic
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Video TypeRegular Video
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Description
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वीडियो जानकारी: 11.01.2026, भुवनेश्वर
Title: जवान दिल - धड़कते सपने और गहरी बेचैनी - कौन सी दिशा चुनें? || आचार्य प्रशांत, कलिंग साहित्य महोत्सव (2026)
📋 Chapters:
00:00 - Intro
02:30 - ओडिशा आकर कैसा लगा?
12:15 - आज का युवा कहाँ फँसा है?
20:53 - सारे धार्मिक विवाद अधार्मिक हैं
31:58 - हर इंसान फिलॉसफर है
41:51 - बाहर विज्ञान, भीतर अध्यात्म
51:34 - फर्जी बाबा नहीं, हम दोषी हैं
01:04:30 - एल्गोरिदम तुम्हें चला रहा है
विवरण: कलिंग साहित्य महोत्सव (Kalinga Literary Festival), भुवनेश्वर में हुए इस संवाद में आचार्य प्रशांत स्पष्ट करते हैं कि आज का युवा दर्शन से दूर नहीं है—बस वह अक्सर बिना परखे हुए विचारों के सहारे जी रहा है। वे बताते हैं कि धर्म जब मान्यताओं, कहानियों और कर्मकांड तक सीमित रह जाता है, तो वह समझ बढ़ाने की जगह जिद और टकराव बढ़ाता है; जबकि दर्शन का अर्थ है स्वयं को देखना। आचार्य जी कहते हैं कि अध्यात्म की शुरुआत आकर्षण से नहीं, विकर्षण से होती है—जब इंसान अपनी हालत को साफ़-साफ़ देखने लगता है और अपने ही भ्रमों से समझौता करना बंद कर देता है।
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संगीत: मिलिंद दाते
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