"हिन्दू धर्म के दिल में घुसी है जाति"- सचमुच? कैसे आई जाति? (पूरा इतिहास) || आचार्य प्रशांत (2025)
Nov 19, 2025•Channel
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Published6 months ago
Duration1:17:12
Video IDb_CpRVL-Vyo
Languagehi
CategoryEducation
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वीडियो जानकारी: 19.10.2025, संत सरिता सत्र, ग्रेटर नोएडा
Title: "हिन्दू धर्म के दिल में घुसी है जाति"? धर्म में कैसे आई जाति? (पूरा इतिहास) || आचार्य प्रशांत (2025)
विवरण: इस वीडियो में आचार्य प्रशांत बताते हैं कि भारत में जाति इसलिए समाप्त नहीं होती, क्योंकि वह केवल सामाजिक व्यवस्था नहीं रही, बल्कि धर्म के साथ गुँथकर एक गहरी मानसिक-सांस्कृतिक संरचना बन चुकी है। ऋग्वेद और उपनिषदों की मूल शिक्षाओं में जहाँ गुण–कर्म आधारित वर्ण-व्यवस्था थी, वहीं इतिहास में कुछ स्मृतियों और पुराणों की सामाजिक व्याख्याओं ने इसे जन्म और पाप–पुण्य जैसी धारणाओं से जोड़ दिया, जिससे जाति अनेक लोगों के लिए धार्मिक मान्यता का रूप ले बैठी। यही कारण है कि संविधान, आधुनिक शिक्षा या सामाजिक अभियानों के बावजूद आज भी हर जगह जातिगत प्रभाव दिखाई देता है। आचार्य जी स्पष्ट करते हैं कि जब तक श्रुति और वेदान्त को केंद्र में नहीं लाया जाएगा, तब तक कोई भी समाज-सुधार स्थायी रूप से सफल नहीं हो सकेगा।
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