दुर्जय दानव दल बल के संग | देवी महालक्ष्मी और असुर दुर्जय का महायुद्ध | गीत संवाद
May 15, 2026•Channel
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Published1 month ago
Duration8:38
Video IDcFCwbx_LI0U
Languagehi
CategoryFilm & Animation
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Video TypeRegular Video
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Description
"""संगीत वार्ता के इस प्रसंग में भगवान श्री राम त्रिकुटा को अपने साक्षात दर्शन देते हुए कहते है कि वह हिमालय स्थित त्रिकुट पर्वत की गुफा में निवास करें, जहाँ उसे कालांतर में भक्त गण वैष्णव देवी के नाम से पुकारेंगे। लंगूर वीर वानर तुम्हारे प्रहरी बन कर आगे-आगे झण्डा लेकर चलेंगे और कलयुग में त्रिकुट धाम में तुम्हारे दर्शन करने आने भक्त गणों की हर मनोकामना पूरी हो जाएगी। निर्देशक रामानंद सागर जी वैष्णव देवी धाम की यात्रा महिमा का बखान भी करते है। गीत-संवाद के माध्यम से भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी के शुभ विवाह के अवसर पर गाए गए विवाह गीतों का अति सुन्दर प्रस्तुतिकरण किया गया है।
सीढ़ी-सीढ़ी चढ़ता जा
भवन की ओर बढ़ता जा
तुझे मिलेंगे-मिलेंगे
माता रानी के दर्श अनमोल भक्तों""
""संगीत वार्ता के इस प्रसंग में राजा रत्नाकर के द्वारा किए जा रहे यज्ञ को ध्वस्त करने जा रहे असुरराज दुर्जय को देवी महालक्ष्मी मार्ग में रोकते हुए चेतावनी देती है कि यदि उसने राजा रत्नाकर की होने वाली पुत्री को ओर वक्र दृष्टि से देखा तो वही उसकी मौत बना जाएगी। लेकिन अहंकारी दुर्जय उनका सुझाव मानने की जगह अपनी सेना को देवी महालक्ष्मी पर आक्रमण करने के आदेश देता है। गीत-संवाद के माध्यम से देवी लक्ष्मी और असुरराज दुर्जय के मध्य हुए युद्ध अति सुन्दर प्रस्तुतिकरण किया गया है।
दुर्जय दानव दल बल के संग लड़ने को बढ़ता आए
ले क्षुब्ध शक्ति का अहंकार महाशक्ति पर शस्त्र चलाए
कैसा युद्ध है, ये कैसा युद्ध है"""
सनातन धर्म के पौराणिक पुराणों, ग्रंथों एवं स्तोत्रों में कमल पुष्प पर विराजमान भगवान विष्णु की पत्नी देवी महालक्ष्मी की महिमा और देवताओं, असुरों सहित जनमानस को मिलने वाली जिस अनुकम्पा का वर्णन किया गया, उसे जनमानस तक पहुँचाने के लिए रामानंद सागर जी ने जय महालक्ष्मी धारावाहिक का निर्माण किया और उसे संगीतमय बनाने के लिए एक बार पुनः महान संगीतकार रविन्द्र जैन को चुना। जिन्होंने धारावाहिक को कुछ प्राचीन गीतों के साथ स्वयं के द्वारा लिपिबद्ध गीतों से इस प्रकार सजाया है, जो सुनने वाले के हृदय को भाव-विभोर कर देता है। “तिलक” अपने इस नए संकलन “संगीत वार्ता” में देवी महालक्ष्मी से जुड़े अनेक संगीतमय प्रसंगों को आपके समक्ष प्रस्तुत करेगा। भक्ति भाव से इनका आनन्द लीजिए और तिलक से जुड़े रहिए।
सनातन धर्म के पौराणिक पुराणों, ग्रंथों एवं स्तोत्रों में कमल पुष्प पर विराजमान भगवान विष्णु की पत्नी देवी महालक्ष्मी की महिमा और देवताओं, असुरों सहित जनमानस को मिलने वाली जिस अनुकम्पा का वर्णन किया गया, उसे जनमानस तक पहुँचाने के लिए रामानंद सागर जी ने जय महालक्ष्मी धारावाहिक का निर्माण किया और उसे संगीतमय बनाने के लिए एक बार पुनः महान संगीतकार रविन्द्र जैन को चुना। जिन्होंने धारावाहिक को कुछ प्राचीन गीतों के साथ स्वयं के द्वारा लिपिबद्ध गीतों से इस प्रकार सजाया है, जो सुनने वाले के हृदय को भाव-विभोर कर देता है। “तिलक” अपने इस नए संकलन “संगीत वार्ता” में देवी महालक्ष्मी से जुड़े अनेक संगीतमय प्रसंगों को आपके समक्ष प्रस्तुत करेगा। भक्ति भाव से इनका आनन्द लीजिए और तिलक से जुड़े रहिए।
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