महालक्ष्मी ने राजा रत्नाकर के यज्ञ सफल कराने की प्रार्थना को किया स्वीकार | जय महालक्ष्मी |उद्धारकथा

May 15, 2026Channel
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Languagehi
CategoryFilm & Animation
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Description

गोलोक में विराजमान भगवान विष्णु महामाया महालक्ष्मी से कहते है कि यदि वह साधारण मनुष्य होते तो उन्हें राजा रत्नाकर के सौभाग्य से ईर्ष्या होती, क्योंकि उन्होंने आपके नौ रूपों का एक साथ दर्शन पाने का गौरव प्राप्त किया है। यह सुन महालक्ष्मी कहती है कि मैंने उन्हें एक महत्वपूर्ण संदेश भी दिया है, उन्हें देवी दुर्गा के दर्शन करा के उन्हें जता दिया है कि जब भी रत्नाकर के राज्य में अत्याचार, अनाचार और अधर्म की आँधी चलेगी, तब वह दुर्गा का उग्र रूप धारण करके अत्याचारियों और अनाचारियों का अपनी शक्ति से दमन करके उनकी रक्षा भी करेंगी। वही दूसरी ओर राजा रत्नाकर यज्ञ की सुरक्षा को लेकर चिंतित थे क्योंकि उन्हें लगता है कि राक्षसराज दुर्जय यज्ञ के बीच चुप नहीं बैठेगा, इसलिए उनके सेनापति ने नगर के चारों ओर पहरा लगा दिया था। लेकिन फिर भी गुरुदेव को चिंता होती है कि आपके यज्ञ में व्यस्त होने का लाभ उठाकर दुर्जय जैसे अधर्मी कहीं यज्ञ का अनादर न करें। राजा रत्नाकर गुरुदेव को आश्वस्त करते है कि यज्ञ में बाधा डालना अर्थात धर्म को चुनौती देना, ऐसी परिस्थिति में देवी महालक्ष्मी अपने भक्त की सहायता अवश्य करेंगी और यज्ञ को निष्फल करने वाले हर प्रयास को निष्फल करेंगी। गोलोक में विराजमान देवी महालक्ष्मी रत्नाकर की प्रार्थना स्वीकार कर लेती है, यह देख भगवान विष्णु देवी महालक्ष्मी की भक्त वत्सलता को प्रणाम करते है। गुरुदेव की आज्ञा मिलते ही रत्नाकर और विजया देवी महालक्ष्मी की मूर्ति के सामने नतमस्तक होकर यज्ञ के सफल होने का आशीर्वाद माँगते है तथा उनके साथ यज्ञ स्थल के ओर चल देते है। वेद-पुराणों और धार्मिक ग्रंथों के अनुसार जिस प्रकार परम ईश्वर श्री हरि ने समय-समय पर धर्म की हानि को रोकने और अधर्म के विनाश करने के लिए मानव रूप में अवतार लिया, उसी प्रकार आदिशक्ति महामाया महालक्ष्मी ने भी समय-समय प्रकट होकर मानव कल्याण के लिए प्रभु का सहयोग किया और असुरों का नाश करने में देवताओं की मदद की। उनकी प्रेरणा पर ही भगवान विष्णु ने समुद्र मंथन के समय कश्यप रूप धारण कर पृथ्वी को डूबने से बचाया था तथा स्वयं देवी लक्ष्मी के रूप में प्रकट भी हुई थी। भगवान विष्णु की पत्नी तथा समृद्धि, धन, भाग्य और सुंदरता का प्रतीक आदिशक्ति महामाया महालक्ष्मी की लीला बड़ी ही निराली है, वह अपने जिस भी भक्त पर प्रसन्न हो जाए तो उसे सांसारिक सुखों की कमी नहीं रहती है। आपका प्रिय धार्मिक चैनल तिलक अपनी इस शृंखला में माता महालक्ष्मी के द्वारा किए अपने भक्तों के उद्धार की कथाओं को प्रस्तुत कर रहा है। भक्ति भाव से इनका आनन्द लीजिए और तिलक से जुड़े रहिए। #tilak #jaimahalaxmi #laxmimaa #laxmimata #uddharkatha #katha #ramanandsagar #ramanandsagarkatha

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