Bengal में बदलाव और Tamilnadu में राज्यपाल का अड़ंगा | NL Charcha 422
May 9, 2026•Channel
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Published1 month ago
Duration15:58
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Languagehi
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एनएल चर्चा के इस अंक में पश्चिम बंगाल के चुनावी नतीजों, वहां की राजनीति, नतीजों के बाद जारी हिंसा, इंडिया गठबंधन के भविष्य और तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र आरलेकर को लेकर विस्तार से बात हुई.
इसके अलावा इस हफ्ते पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के आए नतीजे, पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के इस्तीफे से इनकार के बाद राज्यपाल ने मंत्रिमंडल को किया बर्खास्त, नतीजों के बाद भड़की हिंसा में कई लोगों की मौत, बिहार में नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद उनके बेटे निशांत कुमार ने एनडीए सरकार में मंत्री पद की शपथ ली, छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने नदियों में प्रदूषण को लेकर सरकार को कड़ी फटकार लगाई, दिल्ली हाईकोर्ट ने शराब नीति मामले में कार्यवाही का बहिष्कार करने वाले आप नेताओं के लिए 'अमिकस क्यूरी' नियुक्त करने का फैसला किया, पंजाब में हुए धमाकों पर मुख्यमंत्री और डीजीपी के बयानों में नज़र आया भारी विरोधाभास, केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या 34 से बढ़ाकर 38 करने वाले बिल को मंजूरी दी, अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव और वार्ताओं का दौर जारी और पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के जवाब में चलाए गए 'ऑपरेशन सिंदूर' का एक वर्ष हुआ पूरा आदि ख़बरें भी चर्चा में रहीं.
इस हफ्ते चर्चा में बतौर मेहमान वरिष्ठ पत्रकार @SmitaSharmaJournalist और प्रकाश के रे ने हिस्सा लिया. न्यूज़लॉन्ड्री टीम से चर्चा में विकास जांगड़ा शामिल हुए. वहीं, चर्चा का संचालन न्यूजलॉन्ड्री के प्रबंध संपादक अतुल चौरसिया ने किया.
चर्चा की शुरुआत करते हुए अतुल कहते हैं, “बंगाल में स्थायी कैरेक्टर और हिंसा का जो रूप जो हम देखते हैं, चुनाव के समय यह एकदम बर्बर तरीके से नज़र आता है. चाहे वह कम्युनिस्ट पार्टी के समय हो, टीएमसी या अब बीजेपी; हिंसा बंगाल में हमेशा स्थायी रूप से बनी रहती है, बस पार्टियां बदल जाती हैं, चेहरे वही रहते हैं. क्या यह वहां के समाज और राजनीति की पहचान ऐसी है?”
इस विषय पर स्मिता कहती हैं, “बंगाल एक ऐसा राज्य है, जिसने एक बार नहीं दो बार विभाजन को झेला है, आज़ादी से पहले कई आंदोलनों की शुरुआत यहां से हुई. एक इतिहास रहा है यहां हिंसा का, लेकिन समझने वाली बात यह है कि बंगाल की जो हिंसा है, वह राजनीतिक है. यह किसी जाति या धर्म के खिलाफ नहीं है, जैसा कि हम अन्य राज्यों में देखते हैं. चिंता की बात यह है कि आज बंगाल से बहुत सी तस्वीरें ऐसी आ रही हैं, जो हमने पहले नहीं देखी हैं.”
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