गोरे चरमपंथी, रेसिज्म और आतंकवाद [White Supremacists & Right Wing Extremist] | DW Documentary हिन्दी
Jul 11, 2026•Channel
AI Analysis
Data from YouTube Data API v3•Updated Just now
Video Overview
Video Details
Published2 days ago
Duration1:25:58
Video IDhHe3gwl0Ro8
Languagehi
CategoryNews & Politics
PrivacyPublic
Made for KidsNo
Video TypeRegular Video
Performance Metrics
Views4.5K
Likes178
Comments17
Engagement Rate4.30%
Likes per 100 views3.92
Comments per 1K views3.75
Video Tags
#dw#deutsche welle#dw documentary हिन्दी#dw documentary#hindi documentary#racism against indians#racism america#racism europe#racism documentary hindi#right wing extremism#right wing terrorism#islamist terrorism#white supremacist#white supremacy#white supremacist terrorist attack#norway terrorist attack#london terrorist attack#us mass shooting#payton gendron#daniel harris
Description
दुनियाभर में रेसिस्ट और दक्षिणपंथी चरमपंथी नेटवर्क एकजुट हो रहे हैं. ये अल्पसंख्यकों और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर आतंकवादी हमले करते हैं. अमेरिका और यूरोप के अधिकारी इस आंदोलन को इस्लामिक आतंकवाद से भी ज़्यादा ख़तरनाक मानते हैं.
दक्षिणपंथी चरमपंथी समूह दुनियाभर में फैले हुए हैं. वे डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म्स का इस्तेमाल करके वाइट सुप्रिमेसी का अपना प्रोपेगैंडा फैलाते हैं. सोशल मीडिया और टेलीग्राम जैसी एनक्रिप्टेड मेसेजिंग सर्विसेज़ इन्हें रियल टाइम में कॉन्टेंट शेयर करने और नए फ़ॉलोअर्स जोड़ने में मदद करती हैं.
18 साल के पेटन जेंड्रन ने अमेरिका के न्यू यॉर्क में बफ़ेलो की एक सुपरमार्केट में असॉल्ट राइफ़ल से 10 लोगों को मार डाला था. मरनेवालों में ज़्यादातर अफ़्रीकी-अमेरिकी थे. जेंड्रन ब्रिटिश टीनएजर डैनियल हैरिस के पोस्ट किए गए दक्षिणपंथी चरमपंथी वीडियो देखकर कट्टरपंथी बना था, जिसके बाद उसने इस अपराध को अंजाम दिया. हैरिस ने अपने वाइट सुप्रिमेसिस्ट विचारों पर किताबें लिखी थीं और उन्हें इंटरनेट पर पब्लिश किया था.
यह वैश्विक समस्या है. ब्राज़ील के साओ पाउलो में 17 साल के एक लड़के ने मशेटे और मोलोटोव कॉकटेल लेकर एक स्कूल पर धावा बोल दिया था. उसने बांह पर स्वास्तिक के निशान वाला कपड़ा बांधा हुआ था. इस फ़िल्म में ऐसे और भी उदाहरण दिखाए गए हैं, जो बताते हैं कि दक्षिणपंथी आतंकवाद का ख़तरा कितना भयावह रूप ले चुका है.
जर्मनी में दक्षिणपंथी आतंक का बड़ा केंद्र है, जहां हनाऊ, हाले और म्यूनिख में हमले हुए हैं. कई अपराधी ब्रेंटन टैरेंट से प्रेरित हैं, जिसने न्यू ज़ीलैंड के क्राइस्टचर्च में दो मस्जिदों में 51 लोगों को मार डाला था. नॉर्वे का हत्यारा एंडर्स ब्रेविक भी इन अपराधियों का प्रेरणास्रोत है, जिसने ओस्लो के पास उटाया द्वीप पर लेबर पार्टी के एक यूथ कैंप में 69 युवाओं की गोली मारकर हत्या कर दी थी. इससे पहले उसने ओस्लो में एक बम धमाका किया था, जिसमें आठ लोग मारे गए थे. उसने एक वीडियो और 1,500 पन्नों के मैनिफ़ेस्टो के ज़रिए अपने किए को जायज़ ठहराने की कोशिश की थी. ये दोनों चीज़ें वायरल हो गई थीं. ऑस्ट्रेलिया के टैरेंट ने भी इसी तरह ‘द ग्रेट रिप्लेसमेंट’ नाम का एक मैनिफ़ेस्टो लिखा था. ब्रेविक का मेसेज गोरे लोगों की सुपीरियॉरिटी के बारे में था, जिन्हें कथित तौर पर आप्रवासी लोग टारगेट कर रहे हैं और उनकी जगह ले रहे हैं. चरमपंथी नेटवर्क के बाहर भी बहुत सारे लोग इस नज़रिए से सहमत होते नज़र आ रहे हैं. नतीजतन नफ़रत और रेसिज़्म दुनियाभर में वायरस की तरह फैल रहा है.
दिसंबर 2022 में जर्मनी में एक बड़े छापे में 25 दक्षिणपंथी चरमपंथियों को गिरफ़्तार किया गया था. इनमें कथित ‘राइषबुर्गर’ या 'राइष के नागरिक' आंदोलन के सदस्य, कॉन्सिपिरेसी थिअरिस्ट, रिटायर्ड सैन्य अधिकारी और पूर्व सांसद शामिल थे. जर्मन फ़ेडरल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर के ऑफ़िस के मुताबिक़ ये लोग लोकतांत्रिक व्यवस्था को उखाड़ फेंकने की साज़िश रच रहे थे. इस बारे में संयुक्त राष्ट्र महासचिव गुटेरेश ने कहा था कि यह लोकतंत्र और लोकतांत्रिक संस्थाओं के लिए सबसे बड़ा ख़तरा है.
फ़िल्ममेकर डिर्क लाब्स की रिसर्च से पता चलता है कि अमेरिका, फ़्रांस, जर्मनी, स्पेन और रूस में सैनिक और पूर्व सैनिक बड़ा ख़तरा पैदा करते हैं. पूर्व और मौजूदा सैनिक दुनियाभर में नेटवर्क बनाते हैं और हत्यारे हो सकते हैं. दक्षिणपंथी चरमपंथी मर्सिनरीज़ भी ख़तरा पैदा करते हैं. ये लोग और भी ख़तरनाक हैं, क्योंकि इन्हें युद्ध की ट्रेनिंग मिली हुई है, इनकी हथियारों तक पहुंच है और उनके प्रोफ़ेशनल नेटवर्क हैं. ‘वर्ल्ड वाइट हेट’ इन बिल्कुल अलग-अलग दक्षिणपंथी चरमपंथी समूहों के बीच समानताओं और इनके आपस में गुंथने को दिखाती है.
पर इस नफ़रत का मुक़ाबला कैसे किया जा सकता है? दक्षिणपंथी आतंकवाद को रोका कैसे जा सकता है? लोकतंत्र, समाज, लोगों और सरकारी संस्थानों को दक्षिणपंथी आतंक से बचाने के लिए क्या किया जा सकता है? देखिए इस फ़िल्म में.
----------------------------------------------------------------------------------------
अगर आपको वीडियो पसंद आया और आगे भी ऐसी दिलचस्प वीडियो देखना चाहते हैं तो हमें सब्सक्राइब करना मत भूलिए.
विज्ञान, तकनीक, सेहत और पर्यावरण से जुड़े वीडियो देखने के लिए हमारे चैनल DW हिन्दी को फॉलो करे: @dwhindi
और डॉयचे वेले की सोशल मीडिया नेटिकेट नीतियों को यहां पढ़ें: https://p.dw.com/p/MF1G