अर्बन फोरेजिंग: सड़क किनारे ताज़ा, टेस्टी, फ्री खाना [Urban Foraging] | DW Documentary हिन्दी

Feb 10, 2026Channel
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Published3 months ago
Duration25:56
Video IDlryCSNFj_5A
Languagehi
CategoryScience & Technology
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Video TypeRegular Video

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Description

शहरों में ऐसे लोगों की तादाद बढ़ रही है, जो कंक्रीट के जंगल में खाना इकट्ठा कर रहे हैं. ये लोग सड़कों के किनारे और कंक्रीट की दरारों में उगी जंगली सब्ज़ियां चुनते हैं. इसे अर्बन फ़ोरेजिंग कहते हैं. यह खाना फ्री तो है ही और लज़ीज़ भी है. ऐसा स्वाद आपको सुपरमार्केट से ख़रीदी चीज़ों में नहीं मिलेगा. क्रिस्चियन एमिस अर्बन फ़ोरेजिंग में उस्ताद हैं. वह अपने शहर ब्राइटन में ताज़ा खाना ढूंढते हैं. क्रिस्चियन के लिए इंग्लैंड का यह समुद्री शहर किसी ख़ज़ाने जैसा है. क्रिस्चियन ऐसी जगहों पर जंगली सब्ज़ियां और जड़ी-बूटियां ढूंढ लेते हैं, जहां आम लोग खाने की चीज़ मिलने की कल्पना भी नहीं करते हैं. 42 साल के क्रिस्चियन सुपरमार्केट से खाना ख़रीदने पर हफ़्ते में बस कुछ पाउंड ही ख़र्च करते हैं. वह कहते हैं, “मैं आत्मनिर्भर बनना चाहता हूं और सुपरमार्केट पर निर्भर रहना पसंद नहीं करता. मुझे अपने घर के आसपास ही खाना ढूंढना अच्छा लगता है, क्योंकि यह जानना अच्छा होता है कि मेरा खाना कहां से आता है.” अर्बन फ़ोरेजर बनने से पहले क्रिस्चियन ने 20 साल तक हाई लेवल शेफ़ के रूप में काम किया. आज वह दूसरों को बताते हैं कि जंगली सौंफ, हॉगवीड, पाइनएप्पल वीड और डैंडेलियन के फूल कहां मिलते हैं और इन्हें खाने में कैसे इस्तेमाल कर सकते हैं. अब क्रिस्चियन अपने इन जंगली और ख़ास खाद्य पदार्थों को बड़े रेस्टोरेंट्स और कॉकटेल बार में भी सप्लाई करते हैं. एलेक्सिस गोएर्त्ज़ भी अपने लिए सड़क के किनारे और पार्कों से खाना चुनती हैं. वह कनाडा की हैं और पिछले 10 सालों से बर्लिन में रह रही हैं. वह कुछ भी इकट्ठा करती हैं, उसे सदियों पुरानी फ़र्मेंटेशन टेक्नीक से सुरक्षित रखती हैं. चाहे वे ईवनिंग प्रिमरोज़ के केपर्स हों, जंगली लहसुन की किमची हो या गाउटवीड सॉअरक्राउट. एलेक्सिस के लिए फ़र्मेंटेशन सिर्फ़ खाने को सुरक्षित रखने का ही तरीक़ा नहीं है. वह कहती हैं, “फ़र्मेंटेशन खाने को स्वादिष्ट और पचाने में आसान बना देता है. मुझे तो इसकी आदत ही लग गई है.” एलेक्सिस अक्सर लोगों को शहर में जड़ी-बूटियों की पहचान करने की सैर पर अपने साथ बुलाती हैं और बताती हैं कि कौन सी चीज़ खाने लायक है और कौन सी ज़हरीली है. 33 साल की एलेक्सिस शहर में प्रकृति को फिर से खोजने और समझने पर जोर देती हैं. वह कहती हैं, “बर्लिन खाने की चीज़ें खोजने के लिए शानदार शहर है. यहां बहुत विविधता है. न सिर्फ़ लोगों में, बल्कि प्रकृति में भी.” #dwdocumentaryहिन्दी #dwहिन्दी #dwdocs #urbanforaging #environment ---------------------------------------------------------------------------------------- अगर आपको वीडियो पसंद आया और आगे भी ऐसी दिलचस्प वीडियो देखना चाहते हैं तो हमें सब्सक्राइब करना मत भूलिए. विज्ञान, तकनीक, सेहत और पर्यावरण से जुड़े वीडियो देखने के लिए हमारे चैनल DW हिन्दी को फॉलो करे: @dwhindi और डॉयचे वेले की सोशल मीडिया नेटिकेट नीतियों को यहां पढ़ें: https://p.dw.com/p/MF1G

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