नमः नमः नारायणी | जय महालक्ष्मी | गीत संवाद

Jun 8, 2026Channel
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Published1 month ago
Duration17:31
Video IDtwjo4peMkBs
Languagehi
CategoryFilm & Animation
PrivacyPublic
Made for KidsNo
Video TypeRegular Video

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Description

"""संगीत वार्ता के इस प्रसंग में भगवान श्री राम त्रिकुटा (वैष्णवी) से कहते है कि वह त्रिकुट पर्वत में निवास करने वाली महाकाली, महालक्ष्मी और महा सरस्वती तीनों शक्तियों को समाहित कर लें और तपस्वियों, ऋषियों और गृहस्थियों को असुरी आतंक से मुक्त कराएं। जहाँ सूर्य देव का दिया हुआ कमण्डलु उसकी सहायता करेगा। गीत-संवाद के माध्यम से भगवान श्री राम का आशीर्वाद लेकर त्रिकुटा के त्रिकुट पर्वत जाने का अति सुन्दर प्रस्तुतिकरण किया गया है। श्री राम प्रेम की श्री राम प्रेम की मन में जोत जलाए-2 वैष्णव त्रिकुट के पथ पर बढ़ती जाए माँ अपने धाम के पथ पर बढ़ती जाए"" ""संगीत वार्ता के इस प्रसंग में त्रिकुट पर्वत पर तीन पिण्डियों के रूप विराजित शक्तियाँ महाकाली, महालक्ष्मी और महा सरस्वती अनुराधा को आशीर्वाद देते हुए कहती है कि अब उसकी गोद खाली नहीं रहेगी, अब अनंत रूप उसके पुत्र और फिर उसके पुत्र के पुत्र उनकी सेवा करेंगे। उसकी पीढ़ियाँ उनकी सेवा करती रहेंगी और वे श्रद्धालुओं का उद्धार करती रहेंगी। गीत-संवाद के माध्यम से त्रिकुट पर्वत की गुफा में तीनों महाशक्तियों का समाहित करके विराजमान वैष्णो देवी के छटा का अति सुन्दर प्रस्तुतिकरण किया गया है। शेरा वाली की जय ज्योता वाली की जय लाटा वाली की जय जय माता की, जय माता की, जय माता की जय"" ""संगीत वार्ता के इस प्रसंग में महायज्ञ कर रहे भृगु ऋषि जब इस दुविधा में पड़ जाते है कि परमेश्वर के तीनों स्वरूप ब्रह्मा, विष्णु और महेश में से त्रिगुणातीत कौन है? तब उन्हें नारद मुनि बताते है कि जिसमें तमो गुण का प्रतीक क्रोध, रजो गुण का प्रतीक अहंकार और सतोगुण के लक्षण न हो। यह सुन भृगु ऋषि कहते है कि वे त्रिदेवों को क्रोध दिला कर परीक्षा लेंगे कि किसमें शांत स्वभाव है, कौन त्रिगुणाती है। गीत-संवाद के माध्यम से भृगु ऋषि द्वारा त्रिदेवों की परीक्षा लेने का अति सुन्दर प्रस्तुतिकरण किया गया है। विधि हे जयती-जयती नमस्कार-2 सृष्टि सृष्टा, दृष्टि दृष्टा-2 सर्वेसर्वा जगत सार""" सनातन धर्म के पौराणिक पुराणों, ग्रंथों एवं स्तोत्रों में कमल पुष्प पर विराजमान भगवान विष्णु की पत्नी देवी महालक्ष्मी की महिमा और देवताओं, असुरों सहित जनमानस को मिलने वाली जिस अनुकम्पा का वर्णन किया गया, उसे जनमानस तक पहुँचाने के लिए रामानंद सागर जी ने जय महालक्ष्मी धारावाहिक का निर्माण किया और उसे संगीतमय बनाने के लिए एक बार पुनः महान संगीतकार रविन्द्र जैन को चुना। जिन्होंने धारावाहिक को कुछ प्राचीन गीतों के साथ स्वयं के द्वारा लिपिबद्ध गीतों से इस प्रकार सजाया है, जो सुनने वाले के हृदय को भाव-विभोर कर देता है। “तिलक” अपने इस नए संकलन “संगीत वार्ता” में देवी महालक्ष्मी से जुड़े अनेक संगीतमय प्रसंगों को आपके समक्ष प्रस्तुत करेगा। भक्ति भाव से इनका आनन्द लीजिए और तिलक से जुड़े रहिए। सनातन धर्म के पौराणिक पुराणों, ग्रंथों एवं स्तोत्रों में कमल पुष्प पर विराजमान भगवान विष्णु की पत्नी देवी महालक्ष्मी की महिमा और देवताओं, असुरों सहित जनमानस को मिलने वाली जिस अनुकम्पा का वर्णन किया गया, उसे जनमानस तक पहुँचाने के लिए रामानंद सागर जी ने जय महालक्ष्मी धारावाहिक का निर्माण किया और उसे संगीतमय बनाने के लिए एक बार पुनः महान संगीतकार रविन्द्र जैन को चुना। जिन्होंने धारावाहिक को कुछ प्राचीन गीतों के साथ स्वयं के द्वारा लिपिबद्ध गीतों से इस प्रकार सजाया है, जो सुनने वाले के हृदय को भाव-विभोर कर देता है। “तिलक” अपने इस नए संकलन “संगीत वार्ता” में देवी महालक्ष्मी से जुड़े अनेक संगीतमय प्रसंगों को आपके समक्ष प्रस्तुत करेगा। भक्ति भाव से इनका आनन्द लीजिए और तिलक से जुड़े रहिए। #tilak #jaimahalaxmi #jaimahalaxmigeetsamvad #geetsamvad #mahalaxmi #matalaxmi

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