जहां हमेशा ठंड-अंधेरा, वहां उगा दीं सब्जियां [The Plant Wonders of Iceland] | DW Documentary हिन्दी

Dec 25, 2025Channel
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Published5 months ago
Duration25:57
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Languagehi
CategoryNews & Politics
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Video TypeRegular Video

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Description

आइसलैंड का मौसम बड़ा ही कठोर है. फिर भी यहां अब लगभग हर तरह की सब्ज़ियां उगती हैं. तो आइसलैंड सब्ज़ियों का स्वर्ग कैसे बन रहा है? इसका जवाब ज़मीन के नीचे मिलता है. आइसलैंड ग्रीनहाउसेज़ को गर्म करने के लिए जियोथर्मल एनर्जी इस्तेमाल करता है. तोमास पॉन्ज़ी ऐसे टमाटर उगाते हैं, जो इटली के टमाटरों जितने ही अच्छे हैं. बाहर का तापमान 12 डिग्री सेल्सियस है, लेकिन उनके ग्रीनहाउस के अंदर 20 डिग्री है, जो टमाटर के पौधे के लिए मुफ़ीद है. पेशे से सॉफ़्टवेयर डेवलपर तोमास 30 से ज़्यादा क़िस्मों के टमाटर उगाते हैं और रेक्याविक के बड़े रेस्टोरेंट्स को सप्लाई करते हैं. उनकी कामयाबी का राज़ ज़मीन में बहुत गहरे दफ़्न है. आइसलैंड में ज्वालामुखी और गीज़र पृथ्वी की अंदरूनी गर्मी को सतह तक लाते हैं. आइसलैंड के लोग इस जियोथर्मल एनर्जी से अपने घर गर्म करते हैं और अब वे इसी से ग्रीनहाउस भी गर्म करने लगे हैं. इससे वे अपनी ज़रूरत का ज़्यादा से ज़्यादा खाना ख़ुद उगा सकते हैं. आज आइसलैंड में कुल खपत के 70 फ़ीसदी टमाटर देश में ही उगाए जाते हैं. खीरे तो 100 फ़ीसदी यहीं उगाए जा रहे हैं. इससे देश में यूरोपीय सब्ज़ियों के आयात की ज़रूरत घट रही है. ज़मीन के अंदर की ऊर्जा का इस्तेमाल विदेशी फल उगाने में भी किया जा सकता है. दुनिया में केले का सबसे उत्तरी बागान भी आइसलैंड में है. लेकिन आइसलैंड के सभी सब्ज़ी-प्रेमी जियोथर्मल एनर्जी पर निर्भर नहीं रहना चाहते. हिल्दुर आर्नादोत्तियर आइसलैंड के वेस्टफ़्योर्ड्स की आत्मनिर्भर किसान हैं. वह और उनका परिवार कुछ ऐसा कर रहा है, जो आमतौर पर सोच से परे है. खुले आसमान के नीचे सब्ज़ियां उगाना. वे पूरी तरह से धूप और अपनी मेहनत पर भरोसा करते हैं. ईसाफ़्योर्दर की आबादी क़रीब 3,000 की है. वह सर्द गर्मियों को अपने ख़ास तरीक़ों से मात देती हैं. वह कहती हैं, "मुझे लग रहा है कि ज़्यादा से ज़्यादा लोगों के अंदर एक चिंगारी है. वे समझ रहे हैं कि खाना कैसे उगता है और प्रकृति के साथ गहरा रिश्ता कैसे बनाया जाए.” #dwdocumentaryहिन्दी #dwहिन्दी #dwdocs #iceland #farming ---------------------------------------------------------------------------------------- अगर आपको वीडियो पसंद आया और आगे भी ऐसी दिलचस्प वीडियो देखना चाहते हैं तो हमें सब्सक्राइब करना मत भूलिए. विज्ञान, तकनीक, सेहत और पर्यावरण से जुड़े वीडियो देखने के लिए हमारे चैनल DW हिन्दी को फॉलो करे: @dwhindi और डॉयचे वेले की सोशल मीडिया नेटिकेट नीतियों को यहां पढ़ें: https://p.dw.com/p/MF1G

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