ये है असली जगह जहाँ छत्रपती संभाजी महाराज को कैद किया था | Sardesai Wada Sangameahwar
Mar 9, 2025•Channel
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PublishedMar 9, 2025
Duration10:23
Video IDzB9IsY6VLtA
Languagehi
CategoryFilm & Animation
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Video TypeRegular Video
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#chhaava #sambhajimaharaj #Sangameshwar
ये है असली जगह जहाँ छत्रपती संभाजी महाराज को कैद किया था | Sardesai Wada Sangameahwar
संभाजी महाराज ने मुगलों को भारत से पूरी तरह से उखाड़ फेंकने की योजना बनाई। इसकी योजना और आगे की कार्यवाही के लिए संगमेश्वर में एक गुप्त बैठक बुलाई गई।
गनोजी शिर्के संभाजी महाराज के बहनोई थे, संभाजी महाराज ने उन्हें वतनदारी और जहागिरी देने से साफ इनकार कर दिया। अत: गनोजी शिर्के ने मुगलों से हाथ मिला लिया।गणोजी ने संभाजी के साथ विश्वासघात करते हुए मुगल सरदार मुकर्रबखान को सूचित किया कि संभाजी महाराज संगमेश्वर में हैं। संभाजी राजे ने अपने अभियानों में जिन गुप्त मार्गों का उपयोग किया, वे केवल मराठों को ही ज्ञात थे। गणोजी ने मुकर्रबखां को संगमेश्वर के गुप्त मार्ग के बारे में बताया। संभाजी महाराज ने कुछ सरदारों और विश्वस्त मंत्रियों को संगमेश्वर बुलाया था। एक गुप्त बैठक के बाद गाँव वालों के आग्रह पर वे उनकी बात का सम्मान करते हुए कुछ समय तक प्रतीक्षा करने को तैयार हो गये। उन्होंने सेना को अपने साथ रायगढ़ भेजा और अपने साथ केवल २०० सैनिक, अपने मित्र और सलाहकार कवि कलश और २५ विश्वसनीय सलाहकार रखे। जैसे ही संभाजी महाराज गांव से बाहर निकल रहे थे, १०,००० मुगल सैनिकों ने उन्हें और उनके साथियों को घेर लिया। सभी साथियों और प्रमुखों ने बहादुरी से लड़ाई लड़ी।
झड़प गांव में एक भयानक रक्तपात हुआ जहां संभाजी राजा की सेना ने अपनी पूरी ताकत से मुगलों की विशाल सेना का सामना किया, लेकिन अंत में १ फरवरी, १६८९ को मुगलों ने संभाजी ओर उनके मित्र कवि क्लश को धोखे से पकड़ कर बंदी बना लिया गया।